
अगली सुबह,
रीवा की नींद अलार्म बजने से पहले ही खुल गई। कुछ सेकंड तक वह चुपचाप छत को देखती रही। नींद पूरी तरह खुलने से पहले ही पिछली शाम की सारी बातें धीरे-धीरे उसके दिमाग में लौटने लगीं। शादी, युहान और आज शादी की खरीदारी थी। रीवा ने आंखें बंद करके एक गहरी सांस ली। उसका दिल न जाने क्यों बहुत तेज धड़क रहा था। कुछ ही दिनों में उसकी जिंदगी इतनी बदल गई थी कि कभी-कभी उसे खुद लगता था जैसे वह किसी कहानी का हिस्सा बन गई है।




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